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बछड़ा होगा या बछड़ी? हमेशा ही रहा गलत

PUBLISHED : Dec 16 , 10:42 PM

 

 

 

 

 

 

बछड़ा होगा या बछड़ी?

 

हमेशा ही रहा गलत

 

 

 

 "अक्सर वे लोग जो जल्द ही माता-पिता बनने वाले होते हैं, वह बच्चे के लिंग को लेकर बहुत उत्साहित

 

रहते हैं। इसके लिए वो लिंग परीक्षण भी करवा डालते हैं, परंतु आज गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग परीक्षण

 

करना कानूनन अपराध घोषित किया जा चुका है, लेकिन यह परीक्षण काफी समय पूर्व से चला आ रहा है,

 

और यह हमेशा ही अपराध रहा हैl ऐसी ही एक कहानी हमें राजधानी के निकट के गाँव बरखेडा बोंदर से

 

मिलती हैl"                 - मुकुट सक्सेना 

 

ज हाल में मिले नये प्रभार के गाँव बरखेडा बोंदर में भ्रमण कियाl गाँव में काफी साफ़ सफाई हैl गलियाँ तो हैं ही नहीं, अच्छी चौड़ी सी सी सड़कें हैंl नालियां भी बनायीं गयीं हैंl गाँव में जगह जगह पेड़ लगे हुए हैं अच्छी हरियाली समेटे हुए है गाँव बरखेडा बोंदरl गाँव के बीच से नदी गुजरती हैl कई मंदिर यहाँ हैंl गाँव के मुखिया सरपंच श्रीमती प्रेम बाई पत्नि श्री रामसिंह मीना का मकान नदी पार ऊंचे टीले पर हैl 

एतिहासिक दृष्टि से भी गाँव महत्वपूर्ण हैl गाँव में नदी पार देव बाबा के नाम से एक बेहद पवित्र जगह चबूतरा हैl देव बाबा को देवनारायण बाबा भी कहा जाता है, और उन्हें विष्णु भगवान् का अवतार माना जाता हैl गाँव के लोग चर्चा करते हैं कि लगभग 400 वर्ष पूर्व औरंगजेब यहाँ आया थाl नदी के पार नरोई जगह पर युद्द हुआ था,जिसमें दोनों ओर के कई लोग हताहत हुए मारे गएl तब इतना खून बहा कि नदी लाल हो गयी नदी में खून ही खून थाl एक भक्त ने बाबा को यहाँ बात बतायी तब बाबा ने कहा फिर जाकर देखोl  जब फिर जाकर देखा गया तो वहां खून की जगह दूध भरा हुआ थाl  तब से ही नदी दूधी नदी कहाने लगीl हलाली नदी की शुरूआत भी यहीं की काकड़ से होना बताया जाता हैl 
देव बाबा चबूतरे के पास एक बड़ा बरगद का पेड़ है, इसकी भी अपनी विशेषता है कि पेड़ काफी झुका हुआ है लेकिन इसे सहारा खुद पेड़ की शाखाओं ने दे दिया है देखें चित्र ..  
गाँव के श्री देशराज मीना, श्री गोपाल सिंह ठाकुर, श्री राम सिंह कुशवाह आदि ने बताया कि एक कहानी और है, जैसा कि गाँव के बड़े बुजुर्ग बताते हैं कि एक बार यहाँ एक बाजीगर, नट अपनी घोडी पर सवार होकर आयाl बाबा के पास गया और पूछा कि  बताओ मेरी घोडी को क्या होने वाला है बछडा होगा या बछडी? बाबा ने बता दिया, लेकिन उसने थोड़ी दूर ही जाकर घोडी के पेट को चाक दिया यह देखने के लिए कि बाबा ने सही बताया या गलतl बस तभी बाबा अनजाने अपराध से ग्रस्त होकर गाँव से चले गएl और वह जगह आज भी नट वाला महुआ नाम से जानी जाती हैl  
गाँव में श्री राम जानकी मंदिर सहित माता जी का मंदिर हरदौल व भोलेनाथ जी का मंदिर, दक्षिण पश्चिम में दो खेडापति हनुमान मंदिर हैं, जहाँ प्रति वर्ष रामलीला होती है और हनुमान जयन्ती पर मेला लगता हैl   
 

गाँव में 48 लाख के विकास कार्य भी हुए हैं, जिनका लेखा जोखा पंचायत कार्यालय पर बोर्ड में अंकित हैl 

 

गाँव में सुन्दर मकान हैंl अच्छी दुकानें भी हैंl हायरसेकण्ड्री स्कूल हैl आंगनबाड़ी, पंचायत भवन सभी एक ही जगह पर हैंl