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छोटी-छोटी समस्याओं के लिए लोगों को भोपाल न आना पड़े

PUBLISHED : Jan 01 , 7:53 PM

 

 

 

 

 

जिले में अधिकारी

 

 

इस तरह काम करें कि

 

 

 

छोटी-छोटी समस्याओं के लिए लोगों को

 

 

भोपाल न आना पड़े  

 

 

मुख्य सचिव श्री सुधीर रंजन मोहंती


 
 
छोटी-छोटी समस्याओं के लिए लोगों को भोपाल तक नहीं आना चाहिए। 99% मामले जिलास्तर पर ही सुलझ जाने चाहिए। डीएम/एसपी को चिंता करना चाहिए। इसके बाद कमिश्नर और आईजी हैं। यह बात मध्यप्रदेश के नए मुख्य सचिव श्री सुधीर रंजन मोहंती ने पदभार ग्रहण करते समय कही। श्री एसआर मोहंती आईएएस मध्यप्रदेश के 31वें मुख्य सचिव बनाए गए हैं। 

सीएस श्री एसआर मोहंती ने अपना विजन बताते हुए कहा कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भोपाल तक नहीं आना चाहिए। गवर्नेंस जिला स्तर पर ही होना चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को जवाबदेह बनाएंगे। उनका हर कदम और निर्णय नीति के अनुसार होना चाहिए। उनके जो अधिकार है, उनकी जवाबदारी भी उन्हें दी जाएगी। उन्हें रिस्पांसबिलिटी भी लेनी होगी। जब वे सही कदम उठाएंगे तो उन्हें पूरा प्रोटेक्शन भी देंगे। 

श्री मोहंती ने कहा कि किसानों की कर्जमाफी सबसे बड़ा चैलेंज है। उसे जल्द पूरा करना है। इसके साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव में कानून-व्यवस्था भी बड़ा टास्क है। अपने बीओटी मॉडल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तत्कालीन सीएम दिग्विजिय सिंह ने मुझे एक दिन कहा कि सड़कों की हालत बहुत खराब और सरकारी खजाने में पैसा नहीं है। मेंटनेंस के बजट के 113 करोड़ रुपए थे। हम बांड लेकर आए। 500 करोड़ जुटाए। फिर 500 करोड़ से 1500 करोड़ की 14 सड़कें बीओटी के तहत बनवाईं। इंदौर से बुरहानपुर तक की पहली बीओटी सड़क बनी। इसके बाद जबलपुर-दमोह, होशंगाबाद-पचमढ़ी सहित ऐसी 14 सड़कें इसी मॉडल के तहत बनाई गईं। 

मंत्री और अधिकारियों के बीच होने वाले विवाद पर उन्होंने कहा कि ऐसी समस्याएं फील्ड पर ही हल हो जाना चाहिए। यदि कुछ गलतफहमी होती है तो मुख्यमंत्री जी हैं, मैं हूं। हम हस्तक्षेप करेंगे। समझाया जाएगा और समस्या का समाधान निकाला जाएगा।