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हरित क्रांति की मसीहा, भोपाल कमिश्नर कल्पना कल्पना श्रीवास्तव "दीदी"

PUBLISHED : Sep 01 , 12:57 PM

 

 

 

सरकारी सेवा में कैसे काम करें, सही मायने में इन्होने पहचाना

 

 

 

हरित क्रांति की मसीहा

 

 

भोपाल कमिश्नर कल्पना कल्पना श्रीवास्तव "दीदी"

 
 
सरकारी सेवा भी लोग इमानदारी से करें तो यह एक बड़ी समाजसेवा है. गर्व करना चाहिए कि हमें सरकारी सेवा के बदले पैसा सम्मान तो मिल ही रहा है, साथ ही समाजसेवा के लिए एक अच्छा अवसर, जिसके जरिये हम जनता के दिल पर अपनी अमित छाप छोड़ कर, उनके दिलों में सदैव के लिए अमर हो सकते हैं. 
राजेंद्र वर्मा         

कुछ ऐसे अफसर होते हैं, जो जनता के दिल पर छाप छोड़ देते हैं। जो जीवन में उच्च मानदंड स्थापित करने की चाह रखते हैं। जिनके मन में समाज के लिए हमेशा-हमेशा के लिए ऐसी सौगातें प्रदान करने की ललक होती है, जो इन्हें अलग हटकर जनता और सरकार की नजर में श्रेष्ठ बनाती है। इन चुनिंदा अफसरों में प्रदेश की गौरव बन चुकी आईएएस अफसर कल्पना श्रीवास्तव "दीदी" हैं। 

इन दिनों भोपाल संभाग की आयुक्त रहते हुए प्रशासनिक कार्यों के साथ -साथ सामाजिक सरोकार के कार्यों में गहरी दिलचस्पी ले रही हैं। भोपाल में हरित क्रांति लाने और पर्यावरण को बचाने के लिए इनका अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस कार्य में समाज के हर वर्ग का खूब सहयोग मिल रहा है। यह क्रांति समाज के लिए संजीवनी साबित होगी। गरीबी और अशिक्षा का दंश झेल रहे भिक्षा वृत्ति में लिप्त मासूम बच्चों के जीवन संवारने " खुशहाल नोनिहल" योजना अंतर्गत इनके पुनर्वास, शिक्षा, चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। इनके माता पिता के लिए रोजगार जुटाने के लिए कार्य किया जा रहा है। 

गरीबी से बेहाल बच्चे भिक्षा वृत्ति में न जाएं और समाज में सम्मानजनक जीवन यापन करें, इसके लिये पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहीं है। कल्पना श्रीवास्तव "दीदी" जिस विभाग में पदस्थ होती है, वहां से समाज और सरकार के लिए ऐसा कुछ कर जातीं है, जो इतिहास बन जाता है।