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कभी थी KBC वाली मेडम, अब बनी ट्रांसफर वाली मेडम

PUBLISHED : Jul 14 , 9:01 AM

 

कभी थी KBC वाली मेडम, अब बनी ट्रांसफर वाली मेडम

 

 

 

 

 

 

तहसीलदार अमिता सिंह ने उठाई अन्याय के खिलाफ आबाज  

 

तो अपने ही लोगों ने कहा 

 

 

"कुछ नहीं होगा ये तो गयी काम से"

 

 

 

ईमानदारी से काम करने वाले ही हो रहे हैं प्रताड़ित
 
 
भोपाल. जहां तक हम समझते हैं ट्रांसफर के पीछे अच्छे प्रशासनिक कार्य की सोच होती है ताकि नवीन ऊर्जा नवीन जगह नए तरीके से काम लिया जा सके काम करने वाले कर्मचारी को भी अच्छा लगे नयापन लगे, नए साथियों से मेलमिलाप बढे और एक दुसरे से कुछ नया मिले. लेकिन आजकल ट्रांसफर किन्हीं किन्हीं कारणों से उपजी नाराजगी के कारण किये जाने लगे हैं. 
 
मानवीय दृष्टिकोण भी इसमें पीछे हो गया है. साथ ही ट्रांसफर होते हैं कैंसिल होते है. अब ट्रांसफर उद्योग का रूप ले चुके हैं. पिछले दिनों एक आईएएस कलेक्टर का ट्रांसफर  और फिर वहीँ वापिस और फिर दुसरे ही दिन ट्रांसफर से सरकार की छबि पर विपरीत असर हुआ, बाबजूद हाल में ट्रांसफर में इस तरह की खामियां सरकार की किरकिरी कर रही हैं. एक तहसीलदार का १३ साल में ९ जिलों की २५ तहसीलों में ट्रांसफर के बाद तहसीलदार अमिता सिंह ने प्रधान मंत्री जी से गुहार लगा कर यह दिखा दिया कि मध्यप्रदेश सरकार से अब कोई आशा नहीं रह गयी है. तहसीलदार अमिता सिंह का ट्रांसफर हाल में ब्याबरा से सीधी कर दिया गया है.
वहीँ तहसीलदार अमिता सिंह द्वारा मामले को सार्वजनिक करने पर विभागीय लोगों में चर्चा है कि "कुछ नहीं होगा ये तो गयी काम से" इस बात से भी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार के बारे में क्या सोच बन चुकी है. न्याय की उम्मीद दूर दूर तक नजर नहीं आती. ईमानदारी से काम करने वाले ही प्रताड़ित हो रहे हैं.
माननीय प्रधानमंत्री जी को संबोधित पात्र में उन्होंने लिखा है कि माननीय, मैं अमिता सिंह तोमर 141008112 , मध्यप्रदेश राज्य प्रशासनिक सेवा में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी के रूप में तहसील ब्यावरा जिला राजगढ़ म प्र में पदस्थ हूँ। 

 
महोदय, मैंने इस  तहसील  का कार्यभार 6 अप्रैल 2017 को ही सम्हाला था कि मात्र तीन महीने में ही कल १२/7/2017 को मेरा 25वां स्थानांतरण यहाँ से 800 किलोमीटर दूर जिला सीधी मध्यप्रदेश में कर दिया गया है। 

 
मैंने राजगढ़ जिला 19 /9/2016 को ही जाइन किया था, तहसीलदार सारंगपुर राजगढ़ के रूप में, मुझे अगले ही दिन 20/9/2017 को तहसील नरसिंहगढ़ भेज दिया एवं वहाँ से कुछ ही महीनों में 31 मार्च को मुझे तहसील ब्यावरा भेज दिया गया जिसके बाद मैंने माननीय को एक पत्र लिखा था। अब मुझे ब्यावरा जिला राजगढ़ से 800किलोमीटर दूर जिला सीधी मध्यप्रदेश भेज दिया गया है। 

 
आदरणीय, जुलाई 2003से जुलाई 2017 तक 14 वर्षों में यह मेरा 9 वां जिला एवं 25 वां तहसील स्थानांतरण होगा । मुझे जब भी स्थानांतरित किया गया तब मुझे कम से कम 500 किलोमीटर दूर भेजा गया।

 
जिला दतिया से जिला सीहौर  लगभग 400 KM
 
सीहौर - भिंड.   लगभग 600 KM
भिंड  - देवास     लगभग 500 KM
देवास - श्योपुर.    लगभग 500 KM
श्योपुर - उज्जैन.    लगभग 500 KM
उज्जैन - रतलाम      लगभग 210 KM
रतलाम - राजगढ़.    लगभग 350 KM
राजगढ़ - सीधी        लगभग 800 KM
माननीय, अभी हाल ही में मैंने ब्यावरा में कुछ रसूखदारों के अतिक्रमण हटाने का कार्य किया है, क्या ये मुझे इतने दूर भेजने की वजह है ? अन्यथा
मेरे विरुद्ध ना  जनशिकायत आई, ना मुझ पर कोई लेनदेन या भ्रष्टाचार का आरोप लगा, ना मेरे कार्यकाल में कोई फाइल लम्बित होती है, राजस्व एवं बैंक वसूली में राज्य में श्रेष्ठतम रहती हूँ, अतिक्रमण हटाने में भी शीर्ष पर रहती हूँ, हर वर्ष CR क+ रहती है, सैकड़ों मेडल पुरस्कार मिले, 
सिंहस्थ में तो दो प्रमाण पत्र एवं एक मेडल मिला, इतना सब कार्य करने के बाद मेरा ही स्थानांतरण इस तरह क्यों ??? 
लगभग अधिकांश तहसीलदारों की पूरी सेवा २-४ जिलों में ही निकल जाती है पर मेरे तो अभी तक 9 जिले एवं 25 तहसील हो गईं।  मैं अकेली महिला कितनी परेशानी का सामना करती हूँ यह मैं जानती हूँ। बच्चों की पढ़ाई भी दूर हो रही है। 
महोदय, इस बार सबसे पूछा गया था अपने पसंद की जगह तो मैंने भी अपने गृहजिले के आसपास की जगह ग्वालियर एवं श्योपुर चाहा था परन्तु इतना दूर। मुझे हमेशा अधिकांशतः ऐसी जगह भेजा जाता है जहाँ लिए सीधे एवं मुख्य रेल लाइनें भी नहीं होती। 
महोदय, यह मुझे मेरा शोषण एवं मानसिक प्रताड़ना किया जाना लगता है। 
    महोदय, मैंने कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख का पुरस्कार जीता था तो मुझे KBC वाली मेडम कहते थे सब, पर अब मुझे ट्रांसफर वाली मेडम कहा जाता है। 
श्रीमान मैं बहुत मानसिक दबाब मैं आपसे न्याय की उम्मीद के साथ अपील कर रही हूँ कृपया मुझे न्याय दे व्यवस्था में मेरे विश्वास की रक्षा करें। 
सादर, धन्यवाद।
दिनांक.13/7/2017.        निवेदक 
अमिता सिंह तोमर, तहसीलदार, ब्यावरा जिला राजगढ़ मध्यप्रदेश 
 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
दतिया में किये गए दिव्यांग, गम्भीर बीमार 
 
पटवारियों के स्थानांतरण
 
                   
इसी प्रकार हाल में दतिया जिला में किये गए पटवारीओ के स्थानांतरण में भी अनियमितता सामने आई है. यहाँ नियम कायदे क़ानून से निडर होकर दिव्यांग, गम्भीर रूप से बीमार एवं एक वर्ष से भी कम समय में तीन बार तहसील के बाहर स्थानांतरण कर दिए गए. मुद्दे पर मध्यप्रदेश जागरूक पटवारी संघ ने बिरोध दर्ज कराते हुए स्थानांतरण तत्काल निरस्त करने के साथ ही की गयी अनियमितता की जांच कराने के लिए सरकार को लिखा गया है.