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बॉम्बे का नानावटी कांड ... और आज की "रुस्तम"

PUBLISHED : Aug 19 , 7:27 PM

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

बॉम्बे का नानावटी कांड 

 

 

... और आज की 
 
 
 
 
 
 

               "रुस्तम"

 
 - श्री आनंद कुमार शर्मा,
                           आई.ए.एस. 
 
ज के ज़माने के लोगों की क्या कहें, हमारे ज़माने के लोगों को भी बॉम्बे के "नानावटी कांड" की शायद ही याद हो, जिसमे नेवी के एक अधिकारी ने अपनी पत्नी के प्रेमी को गोली से उड़ा दिया था|
मैं खुद भी इस घटना से तभी वाकिफ हुआ जब आचार्य चतुरसेन की "पत्थर युग के दो बुत" पढ़ी थी, जो इसी सच्ची घटना पर आधारित थी और जिसमें आचार्य ने पत्रों के अलग-अलग नजरिये से इसकी पड़ताल की थी| स्त्री पुरुष संबंधों पर लिखी श्रेष्ठ पुस्तकों में से यह एक है| 
दरअसल  कवास मानेकशा नानावटी नाम के इस अफसर को जब यह पता लगा कि उसकी पत्नी को बहला फुसला कर उसके मित्र ने उससे सम्बन्ध कायम कर लिए हैं तो वह अपने उस मित्र के पास पंहुचा और उसे अपनी पत्नी के साथ शादी करने को कहा, लेकिन उसके मित्र ने जब बड़ी फूहड़ता से उसे यह कह कर इंकार किया कि "क्या मैं हर उस औरत से शादी कर लूँ, जिसके साथ सम्बन्ध हैं" तो उसने अपनी सर्विस रिवाल्वर से उसकी गोली मार कर हत्या कर दी| मुम्बई में इस घटना को लेकर बड़ा कोहराम मचा और सेशन कोर्ट ने उसे निर्दोष मान कर बरी कर दिया, हलाकि बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस फैसले को पलट कर उम्रकैद की सजा सुनाई|
इस सत्य घटना को कुछ काल्पनिक तड़का लगा कर अक्षय कुमार की नई फिल्म रुस्तम बनाई गई है, इसमें कुछेक रक्षा सौदों का मसाला भी प्लांट किया गया है| 
टीनू सुरेश देसाई इस फिल्म के निर्देशक और पटकथा लेखक दोनों हैं| फिल्म कसी हुई है, और कोर्ट रूम सीन को बड़ी शिद्दत से शूट किया गया है| अक्षय कुमार और एलेना डिक्रूज दोनों ही वेहतरीन हैं, खास कर अक्षय का आत्मविश्वास तो देखते ही बनता है| कुमुद मिश्र, सचिन खेडेकर, पवन मल्होत्रा और अनंग देसाई सब सब के सब अपने किरदारों में कैसे हुए हैं
| क्राइम थ्रिलर के बतौर इस फिल्म को अवश्य देखा जा सकता है|