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सच बोलोगे तो पागल करार दिये जाओगे

PUBLISHED : Sep 16 , 8:30 AM

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सच बोलोगे तो पागल करार दिये जाओगे

 

पाठक ही मीडिया का माई बाप : ममता


 

भोपाल इस दौर में सच बोलोगे तो पागल करार दिये जाओगे। भड़ास मीडिया सरोकार अवार्ड में अतिथियों के वक्तव्यों का,  भोपाल से शामिल सुश्री ममता यादव जी की नजर में यही निष्कर्ष है। उन्होंने बताया जब भोपाल से चली थी तो एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा था एक पागल को दूसरा पागल सम्मानित कर रहा है। मैं कहती हूँ खैर हम पागल ही सही, मगर 15 साल की पत्रकारिता में पहला मीडिया अवार्ड वो भी राष्ट्रीय राजधानी के मंच पर सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में गर्व का क्षण था। 

उन्होंने बताया मध्यप्रदेश में वेबमीडिया को लेकर जो माहौल है उसके बीच में से निकलकर अलग से राह बनाना मुश्किल कल भी था आज भी है। इसके साथ ही मल्हार मीडिया अवार्ड पाने वाली मध्यप्रदेश की पहली वेबसाईट बन गई है। उन्होंने इसके लिए सहयोगियों के बारे में बताते हुए कहा कि श्री यशवंत सिंह सागर से दिल्ली तक की इस 15 साल की यात्रा में कई बार गिरे सम्हले फिर खड़े हुये। दिल्ली से लौटकर कुछ उलझी रही तो अपडेट नहीं कर पाई मगर हेमंत पाल जी ऋचा अनुरागी मैम मित्र निजाम कुरैशी ,श्री lalit शर्मा  श्री दीपक ताम्रकार, श्री बालेन्द्र कुमार परसाई जी ने शेयर किया और बेहतर काम करने की जिम्मेदारी थोड़ी और बढ़ा जैसा कि श्री हेमंत पाल जी ने लिखा है, कहां तक खरी उतरती हूं पता नहीं जनसत्ता के बराबर तो शायद ही पहुंच पायें मगर हां, श्री प्रभाष जोशी जी की तरह ही मैं भी पाठक को सब कुछ समझती हूं मानती हूं, वही मीडिया का माई बाप है। 
ममता जी के सम्मान पर श्री हेमंत पाल जी ने कहा है कि हिंदी पत्रकारिता में वेब पत्रकारिता को लेकर अब तक गंभीरता नहीं थी। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता के सामने वेब पत्रकारिता को दोयम दर्जे का समझा जाता था लेकिन, Bhadas4media ने आज दिल्ली में अपने सम्मान समारोह में जिन जीवट हस्तियों को सम्मानित किया, उनमें एक ममता यादव भी हैं, जिन्होंने वेब पत्रकारिता को नई दिशा दी उनकी वेबसाइट www.malhaarmedia.com के तेवर बहुत कुछ 'जनसत्ता' के शुरुवाती काल जैसे हैं। 'जो देखा, वो लिखा' जैसे तेवर बनाए रखना आसान नहीं है आपके तेवर और पत्रकारिता के प्रति समर्पण को बधाई और शुभकामना है कि खबरों को लेकर बच्चों जैसी ललक तुममें बनी रहे।